अपनापन

अपनापन!

अपने कौन होते हैं?

आपके अपनों को भी आपसे उतना ही अपनापन हो… आप भी उन्हें उतने ही अपने लगें…. जितने वो आपको लगते हैं… यह आशा अवश्य होती है…. किन्तु अपनेपन की शर्त नहीं!

इसी तरह कुछ का आपसे अपनापन हो सकता है जो आपके लिए सर्वस्व समर्पण को तत्पर हों और आपको उनका यह इस उत्सर्ग-भाव महत्वपूर्ण ना लगे ऐसा भी हो सकता है!

प्रेम की ही तरह अपनापन भी एकतरफा भी हो सकता है और एकतरफा प्रेम की ही तरह दुखदाई भी!

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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