अपना बना लो

अपना बना लो

अपने वही हो पाते हैं, जो अपनाये जाते हैं

अपनाने से अंजाने भी, अपने ही हो जाते हैं

आगे बढ़ बाँहें फैलाओ

मनचाहे को अपनाओ…

या मनचाही बाँहों में,

जाकर तुम्हीं समा जाओ…

जी लो जीने का सहारा पा

या तुम ही सहारा बन जाओ…

बना लो किसी को तुम अपना

या किसी के अपने बन जाओ…

हो सकता जीवन गीत मधुर

गाओ या गीत ही बन जाओ…

  • – सत्यार्चन

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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