आराधक

आस्था बलवान है!


नाम बस आराध्य या आराधक की पहचान है…


पहचान व्यवहार से मिलती है…


व्यवहार का आधार हैं संस्कार…


संस्कार देश, काल, परिस्थिति और  कुल के अनुसार ही होते हैं…!

सुबुद्ध सत्यार्चन

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लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan