ईमान खतरे में है —

जहाँ में है रोशन
सियासत नफरतों की,
सुलतान का अब
ईमान खतरे में है!

अमन की फ़िजा में
साँसों का ख्वाहिश मंद,
दुनियाँ का एक-एक
इंसान खतरे में है!!

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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