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कट्टर नौ दिन उदार सौ दिन! 

कट्टर नौ दिन उदार सौ दिन!  

                           

       मेरी टेबल पर कागजात और मेकेनिकल टूल्स बिखरे पड़े रहते हैं अकसर••• उन्हीं के बीच "इस्काॅन" वालों से प्राप्त "श्रीमदभग्वद्गीता" की सुंदर लेमिनेटेड सजिल्द पुस्तक रखी थी! किसी काम से माँ मेरे कमरे में आईं थीं तो देखकर बोलीं "ये गीता जी यहाँ पर क्यों रखे हो••• पूजा में रखो" 

मेरे अंदर के फिलासफर को गुस्सा आया••• मगर माँ थीं तो तो बस इतना ही बोला कि 

“पूजने के अलावा पुस्तकें पढ़ने के लिये भी होती हैं••• कई पीढ़ियों से पूजा में ही रखी थी••• पाठ करते रहे••• पूजते रहे••• जीवन जीने पर क्या लिखा है••• किसी ने पढ़ा? मैं पढ़ता हूँ••• और उपहार में देकर पढ़ाने का प्रयास करता हूँ! किसी को गिफ्ट करनी है!”

माँ, माँ थीं•••• बात समझी या नहीं समझी मगर बिना प्रतिकार लौट गईं!


किन्तु आप पाठक/पाठिका जी, आपका प्रतिकार कहाँ रोके रुकने वाला है!

क्या आप जानते हैं श्रीकृष्ण वचनावली “श्रीमदभग्वद्गीता”,  विवेकानंद जी, रजनीश जी, के अर्जित ज्ञान का सर्वाधिक सदुपयोग किस/किन देश ने किया?


अमेरिका ने!



क्योंकि टाॅमस अल्वा एडिसन के गुरू कहते थे

*“मेरे कहे पर आंख मूंदकर विश्वास मत करो! शक करो! परखो! फिर असंगत लगे तो भुला दो और अनुकरणीय लगे तो अपना लो!”*

अमेरिका यही करता आ रहा है!

विवेकानंद जी के शिकागो उद्बोधन से आज तक उस उद्बोधन व उनके व्यक्तित्व पर शोध कार्य किया जा रहा है! विवेकानंद जी की तरह वहाँ के वैज्ञानिक फोटो रीडिंग कर पुस्तकों को मिनटों में पढ़ने का अभ्यास कर रहे हैं! ध्यान योग करते हैं!
••••और हम विवेकानंद जी को अगरबत्ती लगा, प्रणाम कर उनसे हमारे भाग्य की लाॅटरी खोलने की आशा पाले बैठे हैं!

      हम हमारी धार्मिक नियमावलियों के अनुपालन में इतने सजग हैं कि भले धर्म रहे ना रहे नियम जरूर साधे रखना है!

सर्वाधिक कठिन नियमावलियों वाले यहूदी, पारसी जैसे विशालकाय धर्म विलुप्ति  के निकट हैं••• अगला कौनसा••• क्या आपका? जिन सर्वाधिक उदार धर्मों का बाद में उद्भव हुआ उनके धर्मावलंबी दुनियाँ में  आज सर्वाधिक हैं!
अब आप ही करें कि कट्टरता में कट कर खत्म होना है या उदारता  में फलते फूलते रहना है!



यही बात हिन्दी साहित्य के संदर्भ में भी उतनी ही सटीक बैठती है!  

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