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चक्रवर्ती सम्राट!

चक्रवर्ती सम्राट!

सफल चक्रवर्ती सम्राट जैसे राजनीतिज्ञ होने के गुर-
1- “किसी अकमनीय अकोमलांगी का कमनीया दिखने जैसा,
किसी भी तरह, सबके आकर्षण का केंद्र होना !”
2- ऐसी (अ)कमनीया के जिसके अनेक प्रेमियों में से प्रत्येक को उस कमनीया का केवल अपने प्रति समर्पित होने का स्थायी भ्रम बनाये रखने जैसा सफल छल कर सकने की योग्यता पाना!
3- ऐसी (अ)कमनीया जिसके प्रेमियों में से किसी को कभी उसका विवाहित (स्वार्थ नामी पति के साथ) और संतान सहित (लालसा, कामना, आराधन-प्रिय आदि का) होना पता ना लग सके जैसी गोपनीयता बनाये रखने की कला में सिद्धहस्त होना!
4- ऐसी (अ)कमनीया, जिसके हर एक प्रेमी को, उसके साथ स्वप्निल मधुर मिलन के किये पिछले अनेक वचनभंग के बहानों में विश्वास स्थिर रहे, और इसके पश्चात वह प्रेमी अगले वचन पर पहले से अधिक बढ़चढ़कर स्वप्न सँजोने लगेे ! ऐसी उच्चस्तरीय बहलाव की कला में पारंगत होना!
( पिछले क्रियांवयन का हिसाब देने की आवश्यकता ही आन पड़े तो असंभव से दिखते अगले वादों को इतनी वजनदारी से सामने रखना कि लोग पिछले
किये-अनकिये की चर्चा करना ही भुला दें! )
5- अगर आप अपने आपको यहाँ तक विकसित कर पहुँचा सकें तो इस क्षेत्र में सफल होने के लिये आवश्यक ‘सद्गुण’ निश्चय ही आपमें नैसर्गिक रूप से पहले से विद्यमान होंगे ही और दुनियाँ की कोई ताकत आपको चक्रवर्ती सम्राट होने से नहीं रोक सकेगी!!!!

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