चलन

मिट्टी के तन में
सोने सा मन है!
आँसु के मोतियों से
सजा क्यों बदन है?
दूर से दिखती सुहानी
यही दुनियाँ का चलन है
-सत्यार्चन

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

अच्छा-बुरा... कुछ तो कहिये...