चेहरे!

चेहरे!

चेहरा,
चेहरे पर चढ़ाने
चुन लीजिए
चाहे जैसा….
एक ना एक दिन
दिख ही जाना है
वैसा…
है जैसा !

चेहरे!

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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