जागो सोने वालो!

जागो सोने वालो!

मैं सूर्य!
तस्वीर में खजूर के दरख़्त मुझसे बहुत बड़े दिख रहे हैं! तो क्या मैं उनसे छोटा हो गया ? वे तो अर्ध चेतन हैं—- जड़ सामान— और तुम? सुप्त चेतन! जागो समय व्यतीत होता जा रहा है••• फिर पछताओगे की मैं जगाने आता रहा और तुम जड़ खजूर की तरह अकड़ कर सोते रहे! अमृत बाँटने आता हूँ मैं रोज—- अमृत ! अमरत्व वाला नहीं ! सुख , सम्पन्नता, सौहार्द वाला—- जितना सुखपूर्वक जी लिए वही तो अमर जीवन है! शेष तो बोझ है! जागो! शरणागत हो जाओ ! इसी में तुम्हारा हित है! जग जाओ!
#सुप्रभातम #goodmornings

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लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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