तुम शाम को मिलने जरूर आना !

तुम शाम को

मिलने

जरूर आना !

तुम्हारी नींद खुल जाये तो

खुद बोल कर बताना •••

हमसे नहीं हो पायेगा

तुम्हें सोते से जगाना !

हमने चांद से भी की है

इल्तिज़ा•••

जरा सी चाँदनी

हम पर भी बरसाना !

वो भला है

उसने हाँ कर दी•••

तुम ही

दग़ा ना दे जाना •••

तुम शाम को
मिलने
जरूर आना !

सूरज, चाँद, सितारे

बदलते नहीं राह

कहीं धूमकेतू बन

तुम भटक ना जाना •••

भीड़ ना बन जाना •••

तुम शाम को
मिलने
जरूर आना !

दुनियां का दर्द बहुत बड़ा
दो का अमन है

बुलबुलें तो चहकेंगी,
ये उनका चमन है

वहीं शेरों का है गुर्राना
डर कर ना लौट जाना

कोई बहाना ना बनाना,

तुम शाम को
मिलने
जरूर आना !

कहीं देर ना हो जाये इतनी कि

सियार रोने लग जायें

हमारे मिलन की
चाँदनी में

वो
मनहूसियत फैलायें

दूभर है राह

कहीं तुम्हारे

कदम ना डगमगायें

फिर जी चाहे तो भी

आप

हम तक आ ना पहुँच पायें •••

चाहो हमें पाना,

तो
मत घबराना,

चले आना,

बस देर ना लगाना •••

तुम शाम को
मिलने
जरूर आना !

#SathyaArchan

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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