नव-वर्ष! हम क्यों मनायें?

व्यपतीत 2018 में मुझसे हुई भूलों के हृदय से क्षमा प्रार्थना एवं सविनय उन भूलों को किसी भी प्रकार मुझ तक प्रेषण का निवेदन भी है, ताकि मैं अपनी भूलों को भविष्य में ना दोहराये जाने के प्रयत्न प्रारंभ कर सकूँ!

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💐नव-वर्ष! हम क्यों मनायें?💐

जाने ईसाईयों का नववर्ष है या उत्तरायण होने जा रहे सूर्य का अग्रिम संकेत दिवस, या मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल, बिहू, के आगमन पर तैयारी की सूचना या गुड़ी पड़वां, चैती चंद्र, होली दिवाली, राखी, ईद, मोहर्रम, गुरुपर्व, वित्त वर्ष प्रारंभ आदि को कितने दिन शेष हैं जानने के सुगमतम केलेंडर की पहली तारीख? सारी दुनियाँ ईसाईयों या ईसाईयत के लिये नहीं अपने लिये सबसे सुविधा जनक केलेंडर के नववर्ष पर जश्न मनाती है! जिस सुविधा जनक केलेंडर वर्ष पर निर्भर होकर नये वर्ष के आने जाने पर सारी दुनियाँ जश्न मनाती है उससे अछूते रहकर हम अपनी अज्ञानता या कृतघ्नता के अतिरिक्त और क्या प्रदर्शित करेंगे?

व्यपतीत 2018 में मुझसे हुई भूलों के हृदय से क्षमा प्रार्थना एवं सविनय उन भूलों को किसी भी प्रकार मुझ तक प्रेषण का निवेदन भी है, ताकि मैं अपनी भूलों को भविष्य में ना दोहराये जाने के प्रयत्न प्रारंभ कर सकूँ!

बीत गया सो बीत गया
बीते बरस को क्या रोना!
आगत का करने स्वागत
तत्पर पूरे मन से रहना!

-सुबुद्ध सत्यार्चन

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लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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