मतकर मेरे दोस्त

मतकर मेरे दोस्त

कोशिश हँसने-हँसाने की,
मतकर मेरे दोस्त…
आज जरा भी जी नहीं…
मुफलिसी के दौर में

छलक गई…
जीभर पी नहीं…

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan