मन की बात 

मन की बात 

मन ने की,

मन से

मन की बात,

 सारी रात•••

फिर भी

 ना कह पाया मन

 मन से

मन की बात! 

(यह छोटी सी कविता दो कलाकारों ने आधी-आधी लिखी है दीपक शर्मा अटल जी और सत्यार्चन) 

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लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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