Menu

मन की बात 

मन की बात 

मन ने की,

मन से

मन की बात,

 सारी रात•••

फिर भी

 ना कह पाया मन

 मन से

मन की बात! 

(यह छोटी सी कविता दो कलाकारों ने आधी-आधी लिखी है दीपक शर्मा अटल जी और सत्यार्चन) 

Advertisements

अच्छा-बुरा... कुछ तो कहिये...

%d bloggers like this: