मैं अकेला ही काफी हूँ!! — “Kumar Ranjeet”

इश्क़ में जीत के आने के लिये काफी हूँ मैं अकेला ही ज़माने के लिये काफी हूँ हर हकीकत को मेरी ख्वाब समझने वाले मैं तेरी नींद उड़ाने के लिये काफी हूँ ये अलग बात के अब सुख चुका हूँ फिर भी धूप की प्यास बुझाने के लिये काफी हूँ बस किसी तरह मेरी नींद […]

via मैं अकेला ही काफी हूँ!! — “Kumar Ranjeet”

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan