मैं था, हूँ…, रहूँगा सदा!

मैं सदैव से था,

मैं हूँ – – –

रहूँगा भी सदा – – – –
यह वर्तमान चेहरा मात्र है!

मैं तो वह चेतना हूँ – – –

जो तुम्हारे चेतन में भी है!

मैं बोलता हूँ

तुम सुनते हो – – –

तुम बोलते हो

मैं सुनता हूँ!

चेतना ही कहती है,

चेतना ही सुनती है!

अचेतन ना कहता है

ना कुछ सुनता!!!

#सत्यार्चन

 #SathyArchan

 #SatyArchan

(खोज इंजन सक्षम नाम ऒर हॆशटॆग)

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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