रावण, राम और रामभक्त!

*”#जय_श्रीराम!” के होते हुए, वर्तमान उद्घोषों को सुनकर ऐसा लगता है कि रामभक्त अन्यायी-अभिमानी-असत रावण के आदर्शों पर चल पड़े हैं!*
*आज के तथाकथित रामभक्त रावण की स्वर्ण-लंका सा आज के ‘स्वर्णिम-भारत’ को बनाने की जल्दी में… परम #पुरुषोत्कृष्ट_श्रीराम के स्थान पर रावण का अनुसरण करते अधिक देखे जा रहे हैं!*
*सत्यासत्य संग्राम चरम पर है!*
“*#सतयुगकेद्वार# खड़ी दुनियाँ आज असत के अतिरेक से आर्तनाद कर रही है!*”
-सुबुद्ध सत्यार्चन

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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