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लटकी हुई शर्त — Prahlad Chandra Das

गंगाराम, गंगाराम ! नंगाराम, नंगाराम !! दुबला-पतला सींक सा लड़का गंगाराम और पीछे चिढ़ाती हुई उद्दंड लड़कों की टोली – गगाराम,गंगाराम ! नंगाराम, नंगाराम !! …… अच्छे-खासे नाम की ऐसी-की-तैसी कर दी थी बदमाशों ने! गगाराम इक्के-दुक्के के साथ विरोध करता, कभी-कभार लड़ भी जाता, लेकिन, जब लड़कों की पूरी टोली ही उसके पीछे […]

via लटकी हुई शर्त — Prahlad Chandra Das

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