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भारत में नं 1

– भारतीय प्रधानमंत्री – 

(भारत में नं 1)

मोदी जी से पहले भारत के जो प्रधान मंत्री हुए हैं … उनपर हम सबका अलग-अलग अभिमत होगा किंतु बहुमत और सुमत को मिलाकर अब तक के टाप 10 का अब का निष्कर्ष यह हैं …

मोदी जी को इस आँकलन में सम्मिलित नहीं किया गया है। शेष को वह स्थान क्यों इसके संक्षिप्त कारण भी नाम के साथ ही दिये गये हैं … किसी विशिष्ट राजनैलिक विचारधारा से जुड़े लोगों को आपत्ति हो सकती है तो वे अपनी आपत्ति प्रतिक्रिया के रूप में अपना अभिमत संभ्रांत शब्दों में कारण सहित लिखें … उचित अभिमत के आधार पर सूची पुनरीक्षित की जायेगी!

1 –  जवाहर लाल नेहरू जी,

(अंग्रेजों ने भारत छोड़ने से पहले देश को आर्थिक, सामाजिक और सौहीर्द्र के क्षेत्र में नेस्तनाबूद ही कर दिया था इसके बाद भी राष्ट्रीय आत्म निर्भरता के लिये, जब देश की प्राथमिकता रोटी और कपड़ा ही थी तब भविष्य को भी साथ साथ विचारकर भाभा एटमिक सेंटर, टिहरी गढ़वाल, भाखरा नांगल जैसे बड़े बांध, सहित अनेक औद्योगिक इकाइयों का प्रारंभ,   17 वर्षों तक लगातार सर्वांगीण विकास के लिये समर्पित व सफल प्रयास .)

2 – राजीव गाँधी जी,

(विषाद में,  वेमन से विषम परिश्थितियों में कार्यग्रहण के बाद से हर समय राष्ट्र को 21वीं सदी में टाइम ट्रेवल कराने के प्रयास करते रहे. विवादास्पद व क्रांतिकारी कंप्यूटरीकरण इन्हीं के कार्यकाल की देन है,  प्रबल विरोध के बाद भी ‘आधार  कार्ड योजना (नंदन नीलकणि योजना)’ भी इन्हीं के कार्यकाल की देन हैं जो आधुनिक भारत के आधार बने हुए हैं)

 

3 – अटल बिहारी वाजपेयी जी

(विशिष्ठ व्यक्तित्व की विशिष्ठ कार्य पद्धति सिद्धांत पर चल देश की मई प्राथमिकताओं के चयन व उनको वरीयता के आधार पर ‘परमाणु शक्ति संपन्न होने के पथ पुनरागमन,  ‘स्कूल चलें हम’, ‘प्र. मं. सड़क’ जैसी यौजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ‍‍….).

 

4 – नरेंद्र मोदी जी

(क्रांतिकारी निर्णय  की अभूतपूर्व क्षमता व दक्षता , अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत को सशक्त राष्ट्र के रूप में  स्थापित कराने में  अब तक के सर्वाधिक सफल राष्ट्राध्यक्ष! वर्तमान में कार्यरत ,

नोट – इनके द्वारा लागू कराई गई क्रांतिकारी योजनाओं के परिणाम आने पर ये इस सूची के शीर्ष पर भी हो सकते हैं और सूची से बाहर भी…)

5 – इंदिरा गाँधी जी,

(आपात्काल जैसा मनमाना निर्णय व आपरेशन ब्लू स्टार की जगह अन्य शांतिपूर्ण कूटनीतिक विकल्प अपनाये होते तो नेहरू जी, व राजीव गाँधी जी के साथ इस सूची में दूसरे  तीसरे स्थान पर होतीं. पूर्वी पाकिस्तान को बांगलादेश के रूप में उदित होने में  इन्हीं की अगुवाई में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाया गया जिसके परिणामस्वरूप हमारा शत्रुता रखने वाला, पड़ौसी देश, आधा ही शेष बचा. बैंकों का राष्ट्रीयकरण व सुदृढ़ केन्द्रीय बैंक व्यवस्था जो वैश्विक मंदी के दौर में देश को सुरक्षा देने में सक्षम रही. जिसे सारी दुनियाँ ने सराहा.)

 

6वें से 10 वें क्रम के लिये , बिना क्रम की प्रतीक्षा सूची  में संयुक्त रूप से इन सभी का है. नाम सम्मिलित है …

31 जुलाई सबके अभिमत आमंत्रित हैं उसके बाद ही पहला क्रमांकन  को किया जायेगा –

पी व्ही नरसिम्हाराव जी,

 मोरारजी देसाई जी,

 वी पी सिंह जी

 मनमोहन सिंह जी

 इंद्रकुमार गुजराल जी

चंद्रशेखर जी

चौधरी चरण सिंह जी,

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