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सुख चाहिए?  ये लीजिए! -1

सुख चाहिए? ये लीजिए! -1

हम हमेशा

बुरे की बुराई की आलोचना तो करते हैं•••

किन्तु

अच्छाई को प्रोत्साहित कर मान्यता देने में पीछे रह जाते हैं!

हर एक के जीवन में,
हर दिन,

कुछ ना कुछ अच्छा अवश्य घटित होता है

किन्तु अधिकांश को
इसका भान तक नहीं हो पाता•••

पिछले 1 घंटे, 1 दिन, 1 सप्ताह के घटनाक्रम को फिर से देखिए ••••

निश्चय ही कुछ ना कुछ अच्छा /सुखकर अवश्य घटा होगा!

जिसे हमने देखकर भी अनदेखा कर दिया था /महत्वहीन मान लिया था!

बस इस उपेक्षित छोटे/बड़े अच्छे को जानने-पहचानने का प्रयास करना है••• पहचानना है, जानना है, मानना है, सराहना है •••• जिसने इस अनदेखे को महत्व दे मान देना सीख लिया, उसके जीवन में, कुछ ही सप्ताहों में, आशीर्वादों की बरसात होना शुरू हो जाती है!

फिर चहुँओर केवल शुभ ही घटित होता दिखाई देने लगता है!

अशुभ अनदेखा हो जाता है!

जैसे आज शुभ नहीं दिखाई देता••• ठीक वैसे ही तब अशुभ ढूँढने से ही मिल पाता है!

यह मेरा स्वयं का भी अनुभव है!

आपभी कर सकते हैं!

यदि सुखी होना है तो शुरुआत आज ही करना होगी!

कल कभी आ पाया नहीं;
ना कल कभी आ पायेगा!

ये दुनियाँ, अपना घर… इसे सजायें… चलो …अच्छे को अच्छा कह आयें!!!

#SathyaArchan

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अच्छा-बुरा... कुछ तो कहिये...

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