स्वर्णिम भारत

ना भाजपा के भरोसे रहें ना कांग्रेस के
केवल और केवल हम ‘भारत’ / ‘भारती’ भारतवर्ष को स्वर्णिम स्वरूप देने दृढ़प्रतिज्ञ हों! 

हम दूसरे की प्रगति में बाधक बने बिना, दूसरे के हिस्से की रोजी-रोटी खरीदे/छीने/ लूटे / हथियाये बिना अपने हिस्से की सम्पूर्ण प्रगति का ईमानदार प्रयास करने का हर भारत/भारती प्रण करे तो सबको ससम्मान समान सफलता मिल सके!
अपना सर्वस्व समर्पण कर दो अपनी ईमानदार प्रगति में आपकी प्रगति ही राष्ट्र की प्रगति है! राष्ट्र के लिये सर्वोच्च समर्पण है होगा आपका यदि आप आपकी अपनी प्रगति के प्रति सचेत हो जायें! इतना ही कर लें फिर देखे भारतवर्ष  कैसे सोने की चिड़िया नहीं बनता!

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लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan