श्रेष्ठ आराधक

सद्गुरु कहते हैं कि श्रीराम का श्रेष्ठ आराधक वह है जो अपने जीवन में राम के आदर्शों को जीने का सर्वोत्तम प्रयास करे …!

श्रीराम सर्वहारा के आराध्य हैं! क्यों?

इसलिए कि वे सर्वदा आदर्श हैं और आदर्श का अनुसरण ही उसकी वास्तविक पूजा-अर्चना, आराधना है… अन्यथा आपके मुंह पर आपके कृतित्व को, स्वार्थसिद्धि तक महान बताने, फिर मखौल उड़ाने वाले के प्रति, जैसी आपकी मानसिकता होगी, वैसी ही ढोंगियों के प्रति उस सर्वोपरि की क्यों ना हो?

इसीलिए, पूजा, प्रार्थना, अनुग्रह, अनुसरण या अनुकरण पूरे मन से, आत्मिक आनंद के लिए हो… मात्र प्रदर्शन के लिए नहीं!

-सत्यार्चन सत्यव्रत सुबुद्ध

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लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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