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आब को बेताब दरिया!

आब को बेताब दरिया!  जिन्दगी जीने की तो भरपूर कोशिश  की गई••• जिन्दगी ने ठानी ज़िद फिर किसी तरह ना जी गई!  प्यास थी, पानी नहीं था, बाकी की मिन्नत की गई••• पत्थरों के थे शहर सारे हमसे ना जिल्लत पी गई!  दिल की लगी क्या बेदिलों से, दिल्लगी दिल से हो गई ! आब […]

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आभासी रिश्ते! 

आभासी रिश्ते!   कहीं तुम आप हो  कहीं आप तुम क्यूँ?  कभी किसी भावुक पल  अपने ही हुए जाते हो  मगर अगले पल नजर नहीं आते हो आभासी दुनियाँ के आभासी रिश्तों में बँधे हम खोते हैं••• पाते हैं  सपने सजाते हैं!  खोते भी जाते हैं    पाते भी जाते हैं!  ना रिश्ते मरते हैं मगर  […]

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मन की बात 

मन की बात  मन ने की, मन से मन की बात,  सारी रात••• फिर भी  ना कह पाया मन  मन से मन की बात!  (यह छोटी सी कविता दो कलाकारों ने आधी-आधी लिखी है दीपक शर्मा अटल जी और सत्यार्चन) 

भारत लेखन हिन्दुस्तानी हिन्दी

अनुभव 

बीते कल व आने वाले कल में आज के स्वयं का 10% से अधिक  वैचारिक व्यय करने वाला, जीवन में बड़ी सफलताओं से दूर ही रहता है! 

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मेरा तेरा 

#मेरा तेरा# उनवान तेरा- अनुमान तेरा!  मान तेरा- अभिमान तेरा! ख्वाहिशें तेरी- ख्वाब तेरे!  कसमें तेरी- वादे तेरे!  तोड़ना तेरा- जोड़ना तेरा!  लेना तेरा- देना तेरा! रखना तेरा- लौटाना तेरा!  ठहरना तेरा-  भटकना तेरा! आना तेरा- जाना तेरा!  मिलना तेरा- बिछड़ना तेरा!  ठहरना तेरा- गुजरना तेरा!  रिश्ते तेरे- नाते तेरे!  निभाना तेरा- मिटाना तेरा!  खुशी […]

भारत लेखन हिन्दुस्तानी हिन्दी

मेरा देश बदल रहा है? 

मेरा देश बदल रहा है?  विगत वर्षों में, सोशल मीडिया पर अर्धसत्य युक्त अफवाहों से हंगामा फैलाकर, दुनियाँ के 6 बड़े देशों में युगों से सत्ता पाने  को संघर्षरत कट्टरपंथी ताकतों ने सत्तासीन होने में सफलता  पा ली!   कुछ देशों के नव सत्ताधीश,  सत्तासीन होने के बाद भी इस अर्धसत्य आधारित अफवाह तंत्र रूपी शस्त्र […]

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ज्ञान_ध्यान 

ज्ञान_ध्यान-2 वचनबद्ध, सत्यनिष्ठ और सतपथिक का अनुभव बताता हूँ!  ऐसा मनुष्य आजीवन अस्वीकार की पीड़ा झेलता है••••  यह अलग बात है कि यह पीड़ा उसे आनन्ददायिनी होती है,  उसका सुव्यसन बन जाती है!  इसपर चलकर ही ब्रम्हानंद की प्राप्ति होती है!  किन्तु संसार के अधिकांश लोगों की दृष्टि में  यह मूर्खता है!  सत्पथिक को भ्रमित […]

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पर्यावरण संरक्षण! 

पर्यावरण संरक्षण! तू मेरा संरक्षक है मैं क्या करूँ तेरा संरक्षण! मातपिता और धरती-अम्बर मेरे आराध्य••• मेरे गुरुवर! मैं आराधक! हूँ मैं सेवक! जिनसे हूँ खुद मैं संरक्षित क्या दे सकूँ उन्हें संरक्षण! मेरी साँसें मेरा जीवन सर्वस्व न्यून है करूँ जो अर्पण! आभार तेरा परिवेश मेरे पूज्य मेरे तुम, पर्यावरण! कैसे करूँ मैं तेरा […]

भारत लेखन हिन्दुस्तानी हिंदी रत्न हिन्दी

सुख चाहिये? ये लीजिए! – 10 (असफलता के 10 सूत्र)

कुछ भी करने से पहले योजना बनाने में कुछ समय अवश्य खर्च किया जाये और योजनानुसार ही उसपर अमल किया जाये तो जीवन सफल नहीं तो असफल करने के लिये किसी विशेष प्रयास की आवश्यकता नहीं होती बस आपको ज़रा सा लापरवाह भर होना होगा! 

भारत लेखन हिन्दुस्तानी हिंदी रत्न हिन्दी

आइये अफवाहें फैलायें••• (अ)धर्म निभायें!

अब यह तो हम पर ही है कि हम आँख मूँदकर मनगढ़ंत अफवाहों को अग्रेषित कर देश में उथल-पुथल मचाने में सहयोगी हों! या आँख खोलकर अग्रेषम से पहले पुष्टि कर लें! …आपके सहयोग से फैलाई गई  अफवाह  से  यदि  किसी  निर्दोष  की  हत्या  भीड़  द्वारा कर दी जाती है तो भीड़ से अधिक बड़े हत्यारे आप हैं! दुनियाँ की अदालत भले आपको सजा दे पाये या ना दे पाये… किन्तु “उसकी अदालत”  सजा देने में ना पक्षपात करती है ना जरा सा भी रहम !

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