आइये अपने देश की खातिर कुछ लिखें !!!

आइये अपने देश की खातिर कुछ लिखें !!! मैं ट्विटर से जागरण जंक्शन तक सोशल मीडिया का नियमित उपयोगकर्ता / लेखक / पाठक हूँ. मेरी ही तरह,  भारत, हर भारतवासी का है , हर किसी के चिंतन में भारत का होना स्वा…

स्रोत: आइये अपने देश की खातिर कुछ लिखें !!!

शाबाश उमर!

शाबाश उमर!

अब सब चुप!

कयों?

यू पी के चुनाव में

कन्हैया द्वारा सबल दल के विरुद्ध

सघन सक्रिय प्रचार का दुष्परिणाम सार्वजनिक पिटाई

और देशद्रोह जैसे आरोपों में जेल यात्रा के बावजूद

अबिद उमर ने रात पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया

यानी उमर आपमें साहस भी है

और भारतीय न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास भी!

शाबाश अबिद उमर शाबाश!

#सत्यार्चन

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शुभ-दीपावली

 “लेखन हिन्दुस्तानी” के 
हिन्दुस्तानी भाव-निर्झर में
निरंतर प्रवाहित होते
सुधि पाठक-गणों को
प्रियजन, परिजन और
मित्रमंडली सहित
बहुत-बहुत शुभ दीपावली!!!
#सत्यार्चन

जी चाहता है…

होकर यायावर
घूमूं तब तक सारा संसार
जब तक कोई दरवाजा
स्वागतेय ना खुले
मेरे लिए

जी चाहता है
खुलकर
नथुने भर सांसे भरना
दीवारों से दूर
खुले में
कहीं मिल जाये ताजी हवा
कुछ दिनों के लिए…
जी आऊँ जी भर
फिर से
ताजा दम हो
पल-पल मरने के लिए….
.
जी चाहता है
अब
उड़ना
दूर तक
उन्मुक्त गगन में
बहुत दूर तक…
अंतरिक्ष तक
या उसके भी पार कहीं
.
जी चाहता है
निकल पड़ूं घर से
होकर यायावर
घूमूं तब तक सारा संसार
जब तक कोई दरवाजा
स्वागतेय ना खुले
मेरे लिए
जहाँ
हो कोई प्रतीक्षारत
मेरे लिए….
लिए अधझुकी प्यासी आंखें
बिन खुली बाँहों से आतुर
अंक में भरने को ….
– चर्चित चित्रांश-

था गुनाह उसका, गुनाहगार था वो…..

वो हसीन गुनाह करता रहा

प्रधान मंत्री माननीय मोदी जी का पत्र

स्वछ्छता? आपका वरदान स्वयं आपके लिए!