Save! Humanity is Dying … बचायें! मरती हुई मानवता…

Save! Humanity is Dying ….

बचायें! मरती हुई मानवता…

Now a days, people are  bound to be competitive

in race of progress.

Which making them Selfish ,

increasing their distance with

Established  Culture, Religion,  Social values .

Which were undoubtedly meant

for survival  of the Society. Still  are,

and will always be .

Resultantly Humanity is laying on ventilator…

Recent Series of Earthquakes, Landslides, Uncontrolled Fire in forests, Floods,

are NATURE’s WARNINGS

Listen or Lost !

My call to ALL

Let us Awake

n then

Awakening !

This is Need of the Hour

in shake of Humanity

come together….

not behind but beside me!

#SathyArchan

(The Human)

लगभग सभी धर्म/ सम्प्रदाय, देश / प्रदेश, द्वीप/ महाद्वीप,

प्रगतिवादी प्रतिस्पर्धा में,

अपनी-अपनी स्थापित संस्कृतियों से,

निहित स्वार्थवश भ्रमित हो,

दूर होते जा रहे हैं,

(जबकि सभी संस्कृतियां तदस्थानिक मानवीय मूल्यों की पोषक थीं / हैं / रहेंगी!)

परिणामतः मानवता विकलांग हुई है ….

और दिनों-दिन गहन असमर्थता की ओर अग्रसर है!

अगर अब भी अपनी-अपनी संवेदनाओं को पुनर्जागृत कर

मानवता के पोषण के प्रयास ना किये गये तो

समुद्र का बढ़ता जलस्तर, भूकम्पों की श्रृंखला, विनाशकारी बाढ़, अनियंत्रित दावानल,

जो अभी संकेत मात्र हैं,

कल मानवता के सम्पूर्ण विनाश के कारक होंगे !!!

आइये जागिये !

जगाइये!

#सत्यार्चन

(एक मानव)

लेखक: सत्यार्चन.SathyaArchan

हिन्द-हिन्दी-हिन्दू-हित-हेतु..... वास्तविक हिन्द हितचिंतक मंच!. प्रयास और परिवर्तन के प्रबल पक्षधर पराजित नहीं होते... हो भी नहीं सकते !!! - #सत्यार्चन #SathyArchan #Satyarchan

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