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भारत लेखन हिन्दुस्तानी हिन्दी

आइये भारत को समृद्ध करें !!!

“किसी भी युद्ध में, पृथक-पृथक मोर्चों पर कुशलतम योद्धाओं को भी एक-एक कर लड़ने भेजने पर केवल वीरगति ही दिलाई जा सकती है…. विजयश्री का वरण नहीं किया जा सकता! विजय पाने कुशल / अकुशल योद्धाओं की टुकड़ी को, योजनाबद्ध तरीके से साथ मिलकर एक के बाद एक मोर्चे पर संगठित आक्रमण करना होता है”
विचार करें ….  आपको हमको सब हिन्दी जनों को सोचना है… तय हमें करना है कि हम अलग-अलग प्रयासों को मरते देखना चाहते हैं…,  जिसमें किसी को किसी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होनी है …., या एक दूसरे का हाथ पकड़ साथ चलकर,  हिन्दी को और हिन्दुस्तानी भाषाओं को सशक्त करने में योगदान करना है!….

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भारत लेखन हिन्दुस्तानी हिन्दी

कहीं “काल” ना बन जाये बरसात … आइये प्रार्थना करें…

हमारी सामूहिक प्रार्थना उस कृपालु द्वारा, लगभग  100%  सुनी गई.. आप हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी, या किसी भी धर्म के मानने वाले हों… हम अपने-अपने सर्वोपरि से, ऐसी प्रार्थना करें … सबका सहयोग कर स्वयं के सहयोगी बनें!!!

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