बदला बदला चाँद — The REKHA SAHAY Corner!

कुछ दिनों पहले चाँद ने किया कुछ वायदा और बादलों में खो गया . आया इस हफ़्ते सामने बदला बदला सा रूप ले कर , नया नया सा चाँद . रोज़ रोज़ रूप बदलते किस चाँद से पूछूँ उसका पुराना वायदा ? लोग भी ऐसे ही बदलते हैं। समझना मुश्किल है , ऐसे बदलते लोगो […]

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ज़िंदगी — स्पंदन

ज़िंदगी एक दिन मिली थी राह में मैंने कहा , आ बातें करें तनहाई में बेवफ़ा है तू बड़ी हर बात में , चलती कहाँ है तू मेरे जज़्बात में !! छोड़ दिया था साथ मेरा , बीच राह में !! थक गया हूँ , मैं तेरी हर चाल में कैसे फँस गया हूँ , […]

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Hindi Poem on Human Life-Manav — Hindi Poems|हिंदी कविता संग्रह

मानव यह ज़िन्दगी तेरी मनुष्य,मुसीबतों से भरी है,यह किसीऔर ने नहीं,बस, तूने स्वंय ने ही भरी है। करता अगर संघर्ष ज़िन्दगी में,तो होते न तेरे सपने दफन,यूं न चला जाता दुनिया से,ओढकर असफलता का कफन।।-राजप्रीत हंस

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मैं अकेला ही काफी हूँ!! — “Kumar Ranjeet”

इश्क़ में जीत के आने के लिये काफी हूँ मैं अकेला ही ज़माने के लिये काफी हूँ हर हकीकत को मेरी ख्वाब समझने वाले मैं तेरी नींद उड़ाने के लिये काफी हूँ ये अलग बात के अब सुख चुका हूँ फिर भी धूप की प्यास बुझाने के लिये काफी हूँ बस किसी तरह मेरी नींद […]

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